नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के आंकड़े तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच दिल्ली के हालात को लेकर राजनीति भी जारी है। अब आम आदमी पार्टी ने गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बयान से दिल्ली में डर पैदा हुआ और पीएम मोदी ने उनसे दिल्ली की मदद करने को कहा। आप के मुताबिक लॉकडाउन हटने की वजह से मामले तेजी से बढ़े हैं। जिसको रोकने के लिए केजरीवाल सरकार ने हर जरूरी कदम उठाया। हालात बेकाबू होने पर ही केंद्र से मदद मांगी गई।
अमित शाह के बयान पर AAP का पलटवार- अनलॉक से बढ़े मामले, इस वजह से मांगी केंद्र सरकार से मदद
मामले में आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फरवरी से मार्च से बीच 35 हजार से ज्यादा लोग दिल्ली में विदेशों से आए थे। जिस वजह से वहां की स्थिति देश के बाकी हिस्सों की तुलना में काफी अलग थी। उन लोगों को केंद्र सरकार लेकर आई थी, दिल्ली सरकार नहीं। जब तक देश में लॉकडाउन लागू था, तब तक दिल्ली में हालात काफी ज्यादा बेहतर थे। जैसे ही मोदी सरकार ने लॉकडाउन हटाया, वैसे ही मामले बढ़ने लगे। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं में कई कमियां महसूस की गईं, जिस वजह से दिल्ली सरकार ने केंद्र से मदद मांगी। उन्होंने कहा कि बिना मदद के न तो लड़ाई लड़ी जा सकती है, न ही जीती। इस मामले में केंद्र सरकार ने भी मदद किया है, जिस वजह से आज दिल्ली में हालात बेहतर हुए हैं।
क्या है अमित शाह का बयान?
हाल ही में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि 31 जुलाई तक दिल्ली में कोरोना के साढ़े 5 लाख केस हो सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा है कि मनीष सिसोदिया के बयान के कारण राजधानी में कोरोना को लेकर डर पैदा हुआ। हम कोरोना से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसा नहीं होगा, वहां कोरोना के टेस्ट चार गुना बढ़ाए गए हैं। दिल्ली में प्रतिदिन 16 हजार टेस्ट हो रहे हैं। राजधानी में कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। इसे बेकार में तूल दिया जा रहा है।