क्या होता है जब एक लड़का भगवान का इंटर्न बनता है? दिन 1: ब्रह्मांड की रचना। वह एक मंदिर में प्रवेश करता है, चारों ओर चमकती रोशनी और बिखरे हुए सितारे हैं। उसका हृदय धड़कता है, लेकिन उसकी आँखें चमकती हैं। छोटे-छोटे कणों को इकट्ठा कर, वह ब्रह्मांड बनाना शुरू करता है। हर कण एक नया ग्रह, नया जीवन। उसे शक्ति और ताकत का एहसास होता है। पर जब वह एक तारे को संयोग से तोड़ता है, सब कुछ अंधकार में डूब जाता है। भगवान की भूमिका को निभाने के साथ, उसे अपनी गलतियों का सामना करना होगा। क्या वह सही फिर से बना पाएगा? या सब कुछ खो देगा?